शनिवार, 1 अगस्त 2009

मेरी शायरी !!!!!!!!!!!

कतरा- कतरा लहू मेरे अरमानों का -
वो पीकर, जिंदगी को नज़ीर दे गए ,
मै तो आह भरकर यूँ ही तड़पता रहा,
और वो मुद्दई, मुस्कराकर नासूर दे गए,
नासूर-ऐ-मौत पाकर भी, मेरे लरजते होठ -
उनके सलामत-ऐ-जिंदगी की दुआ दे गए



समुन्दर के आगोश में , तेज़ मंझधार में,
डूबते हुए नाव के सहारे बैठे हैं,
सुर्ख तन्हाई में, सूने मैखानेमें ,
बहते हुए अश्क के सहारे बैठे हैं ,
महफ़िल तो शमशान में फैली है चारो ओर-
हम तो कब्र में भी कफ़न के सहारे बैठे हैं,


तुम कहती हो तेरे जुल्फों तले सर रखकर सो जाऊं ,
पर कमबख्त तेरे केसुओं के जू मुझे सोने नही देते ,


मासूम मुस्कुराहटों पे जाँ निसार मत करना ,
दिल के ज़ज्बातों का कभी इज़हार मत करना ,
वो जालिम तुम्हे हंस कर गम दें जाएंगे ,
उनसे प्यार पाने का कभी इंतज़ार मत करना,

इश्क की धुप में साए भी जल जाते हैं ,
है गर्मी इसमे इतनी कि पत्थर भी पिघल जाते हैं ,
मेरे दिलो-दिवार से ना उतारो तस्वीर अपनी ,
इन अश्कों कि बारीश में घरौंदें भी बह जाते हैं,

आरक्षण विरोध

हे युवाओं ! उठो और बहिष्कार कर दो ,
आरक्षण के उत्थान को तुम खाक़ कर दो ,

आरक्षण तो स्वार्थ है नेताओं का ,
जो कर देते हैं खंडन हम युवाओं का,
बना लेते हैं सरकार हमारे वोट से ,
और घोट देते हैं गला विश्वासों का,

नेताओं की इस तृष्णा को ख़त्म कर दो,
वोट राजनीति को संसद में बंद कर दो ,
हमारा और दोहन हो ना पाएगा -
तुम ये नारा और भी बुलंद कर दो ,

वक्त है यंही हमारी एकजुटता का,
अपने विरोध स्वर के सदिश प्रसारता का,
राज रक्षक वहीं जो बन बैठे हैं भक्षक ,
समय हैं यंही उनके सर्वानाषता का ,

वोट नीति की गली आज अन्धकार कर दो ,
जोश और अटलता का आज तुम हुंकार भर दो ,
हे युवाओं ! उठो और बहिष्कार कर दो,
आरक्षण के उत्थान को तुम खाक़ कर दो ,

नया रिश्ता



मुद्दतों बाद कल मुलाकात उनसे हो गई ,
बातों ही बातों मे ढेरों बात हो गई ,
बरसों से आँखे थी जिनकी दर्शन की प्यासी -
देख कर उनकों सहज ये आँखे नम हो गई |

साथ में थी नन्ही बच्ची चिपटी मान की गोद में ,
देखकर हमें वो प्यार से 'मामा' कह गई ,
नन्ही के ये शब्द-बाण और उनकी मुस्कराहट से ,
हमारी पूरी जिंदगी बस शर्मसार हो गई ,
जिनके लिए मै अब तक बैठा रहा कुंवारा -
आज उनसे ही नए रिश्ते की शुरुआत हो गई |
इस रिश्ते ने जीने सबक सिखा दी तो मगर -
सारे शहर मे ये चर्चा आम हो गई ,
मुद्दतों बाद कल मुलाकात उनसे हो गई |